कौन हैं केरलम के नए मुख्यमंत्री सतीशन, जिन्होंने CM की रेस में वेणुगोपाल को पीछे छोड़ा

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मुख्यमंत्री की रेस में वेणुगोपाल को पीछे छोड़ने वाले सतीशन केरलम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वकील हैं. वकालत की दुनिया से सक्रिय राजनीति में आए सतीशन के बारे में कहा जाता है कि वह अपने कार्यकर्ताओं के बीच खासे लोकप्रिय हैं. वह जमीनी स्तर पर काम करने के लिए जाने जाते हैं.

कांग्रेस ने लंबे मंथन के बाद आज गुरुवार को केरलम के नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर दिया. कांग्रेस की अगुवाई वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की जीत के नायक रहे वी. डी. सतीशन को प्रदेश का नया मुख्यमंत्री बनाने का ऐलान किया है. हालांकि इस शीर्ष पद की रेस में सतीशन के अलावा वरिष्ठ नेता के. सी. वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला भी शामिल थे. लेकिन लगातार मंथन के बाद सतीशन के नाम पर मुहर लगी.

कांग्रेस नेताओं दीपा दासमुंशी, मुकुल वासनिक और अजय माकन ने आज सतीशन को केरल विधायक दल (CLP) का नेता चुने जाने की घोषणा की, और इस फैसले के साथ ही उनके मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने का रास्ता साफ हो गया. चुनाव परिणाम आने के बाद से ही सहयोगी दलों ने खुलकर सतीशन का समर्थन किया था. उन्हें पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और केरल कांग्रेस (जोसेफ) जैसे सहयोगी दलों का भी समर्थन था. दोनों दल खुलकर सतीशन के समर्थन में थीं.

 

कौन हैं नए मुख्यमंत्री सतीशन?

मुख्यमंत्री की रेस में वेणुगोपाल को पीछे छोड़ने वाले सतीशन केरलम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रख्यात वकील भी हैं. वकालत की दुनिया से सक्रिय राजनीति में आए सतीशन के बारे में कहा जाता है कि वह अपने कार्यकर्ताओं के बीच खासे लोकप्रिय हैं. वह जमीनी स्तर पर काम करने के लिए जाने जाते हैं. वह एर्नाकुलम जिले की परावुर विधानसभा सीट से विधायक हैं. साल 2001 में वह परावुर सीट से पहली बार विजयी हुए थे.

इसके बाद से वह इस सीट पर लगातार अजेय बने रहे. सतीशन ने 2001 में पहली जीत हासिल करने के बाद 2006, 2011, और 2016 में भी जीत हासिल की. फिर 2021 के चुनाव में विजय हासिल करने हुए जीत का पंजा लगाया. 2026 में उन्होंने इस सीट पर अपनी छठी सीट पर जीत दर्ज कराई. शुरुआत में परावुर सीट नॉर्थ परावुर सीट हुआ करती थी.

छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय

हालांकि वह स्कूली जीवन से ही छात्र राजनीति में आ गए थे और लगातार सक्रिय रहे. वह MG यूनिवर्सिटी यूनियन के चेयरमैन रहे, जो कांग्रेस की युवा शाखा, केरल स्टूडेंट्स यूनियन (Kerala Students Union) का प्रतिनिधित्व करती है. बाद में वे कांग्रेस की राष्ट्रीय छात्र शाखा NSU के सचिव बने. वह मजदूर नेता भी रहे. वे कोचीन के औद्योगिक क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक श्रमिक संघों के अध्यक्ष रहे हैं.

कांग्रेस के अंदर उनकी सक्रियता भी लगातार बनी रही. सथीसन केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी सदस्य होने के अलावा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य और कांग्रेस विधायक दल के व्हिप भी रहे हैं.

प्रकृति प्रेमी सतीशन को किताबों का शौक

सतीशन को किताबों का भी शौक है. वह प्रकृति प्रेमी भी हैं और उन्हें ट्रेकिंग करना भी पसंद हैं. उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा नेटूर और पनांगड से पूरी की, जबकि आगे कॉलेज की पढ़ाई कोचीन और तिरुवनंतपुरम से पूरी की. भावी मुख्यमंत्री ने अपनी डिग्री स्तर की पढ़ाई एर्नाकुलम के थेवारा स्थित सेक्रेड हार्ट कॉलेज से हासिल की, फिर उन्होंने राजगिरी कॉलेज ऑफ़ सोशल साइंसेज से सोशल सर्विस में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया.

इसके बाद वह तिरुवनंतपुरम आ गए और लॉ एकेडमी से LLB की डिग्री हासिल ली फिर यहीं पर गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से LLM भी पूरा किया. वे एक बेहतरीन वक्ता हैं और उन्होंने केरल विधानसभा में कई अहम मुद्दे उठाए हैं.

चुनाव हलफनामे के अनुसार, एडवोकेट सतीशन के पास 6.7 करोड़ रुपये की संपत्ति है जबकि उन पर 41.5 लाख रुपये की देनदारी भी है. उन्होंने अपनी वार्षिक आय 2.8 लाख रुपये बताई है. हलफनामे के अनुसार उनके खिलाफ 18 लंबित आपराधिक मामले हैं, जिनमें से 7 मामले गंभीर प्रकृति के हैं.

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